Sunday, 7 May 2017

पाकिस्तान मुर्दाबाद बोलना देश भक्ति का सर्टिफिकेट नही, पर शायद सुकून जरूर है।

पकिस्तातान मुर्दाबाद ............................... ये सिर्फ एक शब्द मात्र नही है। ये दर्द है एक सिंदूर मिटने का,  ये बद्दुआ है एक गोद सूनी होने की, ये गुस्सा है एक बेसहारा होते बाप का, ये सिसकारी है एक अनाथ होते बच्चे की, ये गम है अपने बचपन से बिछड़ते भाई का, एक श्राप है उन हाथों का जो साल दर साल राखी  बांधने का इंतजार करते है।


पाकिस्तान आये दिन हमारे जवानों से सीमा पर कायरतापूर्ण हमले करता है। कभी घात लगाये आतंकियों द्वारा, कभी अपने सैनिको द्वारा मोर्टार दाग कर, तो कभी बर्बरता पूर्वक सिर काटकर हमारे सैनिको को मारता है। दिन प्रतिदिन हमारे जवान सीमा पर शहीद होते है। हर रोज हमारी बहू बेटिया विधवा होती है। हर रोज हमारे देश मे कई चिताएं जलती है, कई ताबूत दफन होते है, कई जनाजे सुपुर्दे–खाक होते है। हर रोज हमारे सैनिक मारे जाते है।



हर रोज वो जवान हंसते हंसते शहीद हो जाते है, ताकि हम घरों मे सुरक्षित रह सकें।
हर रोज वो अपनी जान गंवाते है, ताकि हमें एक और मुस्कुराने का मौका दे सकें।
हर रोज वो मौत को गले लगाते है, ताकि हमारा देश सुरक्षित रह सके।
हर रोज वो मौत चुनते है, ताकि हमारे देश की अखंडता बनी रहे।
हर रोज वो पाकिस्तान से मरने या मारने के लिए तैयार रहते है, ताकि ये देश सुरक्षित रह सके और ये देशवासी सुरक्षित रह सके। इसीलिए शयाद पाकिस्तान मुर्दाबाद बोलना देश भक्ती का सर्टिफिकेट नही पर उस मिटते सिंदूर का सुकून जरूर है। 

ये सब जानते हुए भी तुम कहते हो कि जवान क्या करते है देश के लिए। जवान सीमा पर मरते है यही टेकनिकली सही है उन्हें शहीद का दर्जा मत दो। हर जवान पाकिस्तान नही मारता। वो पाकिस्तानी भी वही हमारे लिए सोंचते है जो हम उनके लिये सोंचते है। पाकिस्तान में सारे लोग गलत नही है। बस कुछ लोग ही सिर्फ गलत है। और अंत में कहते हो कि तुम पाकिस्तान मुर्दाबाद नही बोलोगे।

तो फिर जब हमारे सैनिक बर्बरता पूर्ण मारे जाते है, इसपर पकिस्तातान में कोई हरकत क्यो नही होती है जबकि हिंदुस्तान ऐसा बर्बर कृत्य [सैनिकों के सिर काटना] युद्ध तक में भी नही करता।
कोई पाकिस्तानी नेता, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सेना प्रमुख, या कोई और क्यो इस कृत्य की निंदा नही करता या इसके खिलाफ बोलने के बजाय अपने सैनिको और आतंकियों की पीठ क्यो थपथपाता है। भारत में आतंकी हमले होने और उसकी जिम्मेदारी पाक आतंकी संगठनों द्वारा लेने पर भी क्यो उस पर कर्यवाही नही होती है। अगर पाकिस्तान में सब लोग गलत नही है तो क्यों हर साल दर साल पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या कम होती जा रही है। 1947 से अब तक हिन्दू 17 प्रतिशत से 1 प्रतिशत पर सिमट गये है। पाक में हर साल 74 पीतिशत हिन्दू महिलाओं। पर अत्याचार होता है हर साल लगभग 300 हिन्दू लड़कियों को जबरन धर्म परिवर्तन करवा कर मुस्लिमो के साथ निकाह करवाया जाता है।



जब हम पाकिस्तान मुर्दाबाद बोलते है तो तुम लोग क्यो यूनिट इन वर्ल्ड की बात करते हो। क्या पाकिस्तान से एकता हमारे जवानों की शहादत से बढ़ कर है। जब हम पाक को सबक सिखाने की बात करते है तो तुम्हे क्यो पूरे विश्व की शांति याद आती है। जब पाकिस्तान के बुरे की बात होती है तब ही क्यो एक समुदाय को इतना बुरा लगता है कि वो हमे ट्रोल करने लगते है।


कुछ ऐसे कंवर्जनिस्टों को भी तब ही क्यो बुरा लगता है जब हम पाकिस्तान के बारे में बोलते है जो दो पीढ़ी पहले तक कुछ और थे और अब कुछ और है (हिन्दू धर्म से धर्म परिवर्तन किये हुए लोग)।
जब हम अपने सैनिको के साथ हुई बर्बरता का बदला लेने की बात करते है तब ये समुदाय क्यो देश के अंदर ही युद्ध जैसा माहौल तैयार कर देते है। पाकिस्तान का नाम आते ही क्यो ये लोग आतंक का चोला ओढ़ कर कभी हथियार तो कभी पत्थर उठा लेते है।

अगर इन लोगों के अंदर इतना ही पाकिस्तान प्रेम [PP] है तो इनकी जगह हिंदुस्तान में नही शायद पाकिस्तान में होनी चाहीये ~अभिव्यक्ति




Friday, 21 April 2017

... तो भारत को भुगतने होंगे गंभीर परिणाम: चीन

तिब्बती धर्म गुरु दलाईलामा की हाल ही में अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने पर चीन भड़क गया है।

चीन ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ कदम बताते हुए तीखा विरोध किया है। चीन ने कहा कि “भारत तिब्बत को चीन से तोड़ने के लिए दलाईलामा कार्ड न खेले इसके उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड सकते है”।

साथ ही चीन ने भारत के अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों का नाम बदलकर चीनी नाम रख दिया है तथा कुछ और जिलो का नाम बदलने की चेतावनी भी दी है।

और अब संकेतो के अनुसार चीन उन जगहों का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बदलवाने की कोशिश कर सकता है। इसकेलिए चीन वुश्व नक़्शे में बदलाव के लिए गूगल पर भी दबाव डाल सकता है। यदपि गूगल इसके लिए उसे मना कर देता है तो चीन गूगल को  चीन में प्रतिबन्ध की धमकी दे सकता है।

चीन के इस कदम का भारत ने भी तीखा विरोध करते हुए अपनी हद में रहने तथा अरुणाचल को भारत का अभिन्न अंग बताया है केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि “ चीन का यह कदम बर्दाश करने वाला नही है वह अपनी हद में रहे। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है”।

साथ ही उन्होंने दलाईलामा के अरुणाचल प्रदेश के दौरों को एक शांति धर्म वार्ता बताया है और कहा है कि “ दलाईलामा का अरुणाचल प्रदेश का दौरा सिर्फ एक धार्मिक भावना के तहत है एयर इसको तूल नही देनी चाहिए”।

चीन के इस भड़कावे वाले कदम का भारत में तीखा विरोध हो रहा है ।।

Tuesday, 18 April 2017

माल्या की बन्दूक से कांग्रेस का शिकार करेगी बीजेपी

भारतीय शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन में सकॉटलैंड यार्ड द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद भारत में उनके प्रत्यर्पण की कार्यवाही तेज हो गयी है।

गौरतलब है कि माल्या पर भारतीय बैंको का नौ हज़ार करोड़ का कर्ज न चुका  पाने की बजह से  भारत में उनपर कार्यवाही होनी संभव् थी।

कार्यवाही के मद्देनजर माल्या भारतीय सुरक्षा कंपनियों के ढीले रवैये की बजह से पिछले साल मार्च में देश छोड़कर लन्दन भागने में कामयाब हो गए थे।

माल्या के देश से भागने के बाद भारत में सत्ता धारी पार्टी बीजेपी ने अपनी  छबि को बचाने के लिए माल्या पर सख्त  कार्यवायी करते हुए उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया तथा माल्या की तमाम संपत्ति की नीलामी के आदेश भी दे दीये।

माल्या के विदेश भाग जाने के बाद भारत में मुख्य विपक्षी  पार्टी कांग्रेस अक्सर सत्ताधारी बीजेपी पर उनको भागने में मदद करने का आरोप लगाती रही है।

अब माल्या  के गिरफ्तार हो जाने के बाद ये पासा उल्टा पड़ता नजर आ रहा है।

गौर तलब है कि माल्या जब  सन 2006 से 2008 के बीच पैसो के संकट से जूझ रहे थे तब उस समय की सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस ने उन्हें  लोन पास कराने में  अहम भूमिका निभाई थी।

सन 2011 में जब माल्या एक बार  कई कर्जे में डूबे तब  भी कांग्रेस्  पार्टी ही सत्ता में थी तथा तत्कालीन प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने माल्या की कंपनी किंग फिशर को न डूबने देने की बात कही थी।

अब जब लन्दन में माल्या की गिरफ़्तारी हो चुकी है तब इस सत्ताधारी पार्टी पर हमला बोलने का कोई भी मौका छोड़ना नहीं  चाहती है ।

इस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीजेपी ने उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री को विजय माल्या द्वारा लिखित एक पत्र तथा उसका जबाब ये बताते हुए सार्बजनिक किया है कि माल्या की मदद किस हद तक की गयी थी तथा कांग्रेस पार्टी ने कुस तरह से माल्या को फायदा पहुचाया है।

Monday, 17 April 2017

मुस्लिम अजान में लाउडस्पीकर का प्रयोग बन्द करे, नही चलेगी गुंडा गर्दी ; सोनू निगम (गायक)

मस्जिदों में सुबह सुबह अजान में लाउडस्पीकर से होने वाले शोर पर गायक सोनू निगम ने तीखी प्ररिक्रया देते हुए इसे बंद करने को कहा है .

आज सुबह उन्होंने इस पर कई ट्वीट किए और कहा कि “ मस्जिदों में सुबह लाउडस्पीकर का शोर बन्द होना चाहिए. मैं मुस्लिम नही हूं फिरभी सुबह  अजान के शोर की वजह से मेरी नींद खराब होती है और मुझे उठना पड़ता है . मुस्लिमो की ये गुंडागर्दी बन्द होनी चाहिए ".

God bless everyone. I'm not a Muslim and I have to be woken up by the Azaan in the morning. When will this forced religiousness end in India

— Sonu Nigam (@sonunigam) April 16, 2017

श्री निगम यंही नही रुके उन्होंने अजान में प्रयुक्त होने वाली बिजली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “ जब पैगम्बर मोहम्मद ने इस्लाम की स्थापना की थी तब बिजली नही थी तो फिर एडिसन के आविष्कार के बाद ही क्यों इसका प्रयोग अजान में किया जाता है ".

साथ ही वे मंदिर तथा गुरूद्वारे में तेज़ आवाज में संगीत बजाये जाने का विरोध कर रहे थे .

I don't believe in any temple or gurudwara using electricity To wake up people who don't follow the religion . Why then..? Honest? True?

— Sonu Nigam (@sonunigam) April 17, 2017.

सोनू निगम के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस् ने जन्म ले लिया है .

एक तरफ बुद्धजीवियों का एक बड़ा वर्ग इस बयान का ये कहकर समर्थन कर रहा है कि जो लोग इस मजहब को नही मानते उन्हें क्यों  बेवजह परेशान होना पड़ता है .

तो दूसरी तरफ कुछ लोग इस बयान का तीखा विरोध करते हुए सोनू निगम से माफ़ी मांगने के लिए कह रहे है .

जैसे जैसे लोगो का बयान इस मुद्दे पर आ रहा है उससे एक बात तो तय लग रही है कि ये विवाद अब यंहा थमने वाला नही है .

Thursday, 13 April 2017

अगर कोई पाकिस्तानी दिखे तो उसे मार कर भगा दो या पेड़ से लटका दो।

हाल ही में पाकिस्तान की एक मिलिट्री कोर्ट द्वारा भारतीय नेवी के पूर्व अफसर कुलभुषण जाधव को जासूसी का आरोप लगाकर पूर्व नियोजित तरीके से फांसी की सजा सुनाए जाने का विरोध भारत में थमने का नाम नही ले रहा हैं।

भारतीय गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने इस पर प्रतिकिया देते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
अभिजीत कहते है कि " यदि कोई पाकिस्तानी भारत मे दिख जाए तोसे मार  कर  भगा दो या पेड़ से लटका दो "

साथ ही अभिजीत भट्टाचार्य ने पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में  काम दिए जाने तथा भारत में विरोध होने पर उनका पक्ष लेने वाले भारतीय फिल्म निर्माताओं व कलाकारों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि " भारत  में अगर  पाकिस्तानी कलाकारों को अगर  देखना  है  तो ट्ट या  जौहर  के  घर   में मिल जाएगे"

उन्होंने इस भारतीय सैनिक को फांसी की सजा सुनाए  जाने पर तीनों भारतीय  खान अभिनेताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि " तीनो खान चुप क्यों  है, पाकिस्तानी  कलाकारों का हमेशा पक्ष लेने वाले  कुलभुषण के लिए एक ट्वीट तक नही किया "।।

Tuesday, 11 April 2017

.... तो क्या पहले ही मर चुके है कुलभूषण जाधव।।

क्या कुल भूषण जाधव पहले ही मचुके है??
ऐसा मानना है पूर्व गृह सचिव श्री आर के सिंह का।

श्री सिंह मानते है कि इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि पाकिस्तान ने कुलभुषण पर सच उगलवाने के लिए  इतना अत्याचार किया हो जिससे उनकी मृत्यु हो गयी हो।

और पाक को उनकी मौत का कारण छुपाने के लिए पूर्व नियोजित तरीके से आडंबर रचना पड़ रहा हो।

और पाक एक दिन उनकी फांसी की सजा  दिए जाने की खबर दुनिया को दे दे।

जिससे पाक के अत्याचार से कुलभूषण की मृत्यु होने का सच दुनिया के सामने न आ सके और पाक का घिनौना चेहरा दुनिया के सामने न आ सके ।

इसके लिए श्री सिंह मानते है कि भारत को कुल भूषण का हाल जानने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए तथा ये मुद्दा अमेरिका के समक्ष उठाना चाहिए।।

Thursday, 16 February 2017

रेज एक्ट; ये कैसी मित्रता,

20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति की शपथ लेने के बाद कुछ अमेरिका सीनटरो ने अमेरिकी संसद में एक विधेयक पेश किया,जो की अगर संविधान की शक्ल ले सकता है,तो न सिर्फ भारतियों को बल्कि पूरे विश्व के सभी देशों के नागरिको को अमेरिका में रहने के लिए और वहाँ नौकरी करने के लिये वहाँ जाने के लिए अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। H-1B वीजा धारकों की संख्या घट कर दस लाख से पांच लाख कर दी जायेगी।यह रेज एक्ट नामक एक विधयेक अगर पारित हो जाता है,तो अमेरिका में H-1B वीजा लेकर गए भारतियों की संख्या घट कर आधी हो जायेगी मतलब बड़ी संख्या में अमेरिका में नौकरी करने गए भारतियों ने भारी बहुमत देकर ट्रम्प के जीवन में अहम भूमिका निभाई,ट्रम्प के समर्थन में हवन यज्ञ से लेकर पूजा अर्चना भी करते थे।लेकिन शायद अब जब ट्रम्प राष्ट्रपति निर्वाचित हो गए है,तब पहला तो उनकी रूस और पाकिस्तान जैसे देशों को लेकर शायद नीति ही साफ़ नहीं है,दूसरा जिन देशों पर उन्होंने प्रतिबन्ध लायेगें  वो देश,ईरान ,इराक,सीरिया,लीबिया,सोमालिया,यमन,सूडान में सिर्फ मुस्लिम आबादी ही नहीं बल्कि ईसाई आबादी भी बड़ी मात्रा में प्रभावित होगी तो इसे मुस्लिम विरोधी कदम मानना बेमानी होगी।और शायद अमेरिका में इन देशों के नागरिकों द्वारा अपराध में संल्पितता भी बहुत कम है। और जो देश अमेरिका में आतंक बढ़ा रहे है चाहे वो सऊदी अरब हो संयुक्त राज्य एमिरात,तुर्की या फिर पाकिस्तान या अफगानिस्तान हो अमेरिका ने इन पर कूटनीति दवाबों के चलते प्रतिबन्ध लगाने की हिम्मत नहीं जुटा सका है। और जो भारतीय ट्रम्प के लिए दिन रात एक करते थे सबसे ज्यादा कष्ट उन्ही को होने वाला है,और जो ओबामा के समय में भारत के साथ रिश्तों में गर्मजोशी आयी थी,उसे लेकर भारतियों के साथ-साथ ट्रम्प के मन में दुविधा जरूर होगी लेकिन चुनाव के समय ट्रम्प ने जो तोहफे भारतियों को देने का वादा किया था। जो दोस्ती का हाथ बढ़ाने का वादा किया था,वो शायद दूर होता नजर आ रहा है।।।