तिब्बती धर्म गुरु दलाईलामा की हाल ही में अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने पर चीन भड़क गया है।
चीन ने इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ कदम बताते हुए तीखा विरोध किया है। चीन ने कहा कि “भारत तिब्बत को चीन से तोड़ने के लिए दलाईलामा कार्ड न खेले इसके उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड सकते है”।
साथ ही चीन ने भारत के अरुणाचल प्रदेश के कई जिलों का नाम बदलकर चीनी नाम रख दिया है तथा कुछ और जिलो का नाम बदलने की चेतावनी भी दी है।
और अब संकेतो के अनुसार चीन उन जगहों का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बदलवाने की कोशिश कर सकता है। इसकेलिए चीन वुश्व नक़्शे में बदलाव के लिए गूगल पर भी दबाव डाल सकता है। यदपि गूगल इसके लिए उसे मना कर देता है तो चीन गूगल को चीन में प्रतिबन्ध की धमकी दे सकता है।
चीन के इस कदम का भारत ने भी तीखा विरोध करते हुए अपनी हद में रहने तथा अरुणाचल को भारत का अभिन्न अंग बताया है केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि “ चीन का यह कदम बर्दाश करने वाला नही है वह अपनी हद में रहे। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है”।
साथ ही उन्होंने दलाईलामा के अरुणाचल प्रदेश के दौरों को एक शांति धर्म वार्ता बताया है और कहा है कि “ दलाईलामा का अरुणाचल प्रदेश का दौरा सिर्फ एक धार्मिक भावना के तहत है एयर इसको तूल नही देनी चाहिए”।
चीन के इस भड़कावे वाले कदम का भारत में तीखा विरोध हो रहा है ।।